बीजापुर,
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले के माओवाद प्रभावित उसूर क्षेत्र से आए बच्चों ने प्रशासन के समक्ष अपने गांवों में स्कूल भवन निर्माण की मांग रखी। बच्चों की इस मांग पर कलेक्टर विश्वदीप ने सकारात्मक रुख अपनाते हुए जल्द स्कूल भवन बनवाने का आश्वासन दिया।
जिला प्रशासन की ओर से आयोजित विशेष एक्सपोजर विजिट कार्यक्रम के तहत पुजारी कांकेर, गलगम और मारूडबाका गांवों के बच्चों को शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्थाओं से परिचित कराया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य दूरस्थ और माओवाद प्रभावित क्षेत्रों के बच्चों में जागरूकता बढ़ाना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना था।
भ्रमण के दौरान बच्चों ने ज्ञानगुड़ी एजुकेशन सिटी में संचालित विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों का दौरा किया। यहां उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुशासन और भविष्य निर्माण से जुड़ी जानकारियां दी गईं। बच्चों ने सेंट्रल लाइब्रेरी का अवलोकन कर अध्ययन व्यवस्था को भी करीब से समझा।
इसके बाद बच्चों को कलेक्टर कार्यालय, जिला पंचायत और जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां उन्हें शासकीय योजनाओं, दस्तावेज निर्माण प्रक्रिया और अस्पताल की विभिन्न सेवाओं की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने बच्चों को प्रशासनिक कार्यप्रणाली से भी अवगत कराया।
कलेक्टर विश्वदीप ने बच्चों से आत्मीय बातचीत करते हुए उनकी जरूरतों और समस्याओं को सुना। इस दौरान बच्चों ने बताया कि उनके गांव में अभी भी स्कूल झोपड़ी में संचालित हो रहा है। इस पर कलेक्टर ने जल्द स्थायी स्कूल भवन निर्माण कराने का भरोसा दिलाया।
बच्चों ने स्कूल ड्रेस, टाई, जूते और मोजे की मांग भी प्रशासन के सामने रखी, जिस पर आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया। वहीं बच्चों की पहली बार फिल्म देखने की इच्छा को देखते हुए प्रशासन ने उनके लिए प्रेरणादायक फिल्म प्रदर्शन की भी व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा विभाग के अधिकारी, संकुल समन्वयक और शिक्षादूत मौजूद रहे।
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