ज्यादा ज्ञानी, ज्यादा ‘परेशानी’… क्या छत्तीसगढ़ में भारी पड़ रहा ‘अधिकारी’ वाला रवैया ?

जितेन्द्र जैन ( जीतू ) की कलम से, छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों एक नाम ज़ोरों पर है – वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से राजनीति में आए चौधरी अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली और कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन, अब यही कार्यशैली जनता और

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ज्यादा ज्ञानी, ज्यादा ‘परेशानी’… क्या छत्तीसगढ़ में भारी पड़ रहा ‘अधिकारी’ वाला रवैया ?

जितेन्द्र जैन ( जीतू ) की कलम से, छत्तीसगढ़ की राजनीति में इन दिनों एक नाम ज़ोरों पर है – वित्त मंत्री ओ.पी. चौधरी। भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) से राजनीति में आए चौधरी अपनी तेज-तर्रार कार्यशैली और कड़े फैसलों के लिए जाने जाते हैं। लेकिन, अब यही कार्यशैली जनता और पार्टी के भीतर से ही बड़े विरोध का कारण बन रही है। सूत्रों की मानें तो उनकी कार्यप्रणाली से न सिर्फ विपक्षी दल, बल्कि खुद भारतीय जनता पार्टी  के विधायक और आम जनता भी खासी नाराज़ हैं।यह स्थिति, राजनीतिक गलियारों में, डॉ. रमन सिंह के पूर्व कार्यकाल की याद दिला रही है, जब कुछ मंत्रियों की मनमानी के कारण जनता में भारी आक्रोश था और जिसका खामियाजा पार्टी को 15 साल बाद सत्ता गंवाकर भुगतना पड़ा था। विधायक से त्रस्त, फैसलों से हाहाकार