देश के प्रधानमंत्री कर रहे कांग्रेस के खिलाफ़ आपराधिक साज़िश, सचिन पायलट का बड़ा आरोप !

रायपुर – देश भर में चुनावी माहौल है । छत्तीसगढ़ में भी अब केंद्रीय नेताओं के लगातार दौरे का सिलसिला शुरू हो गया है इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट भी अपने 2 दिवसीय प्रवास के  तहत छत्तीसगढ़ पहुंचे हुए है । कल जांजगीर-चांपा में लोकसभा स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में सम्मिलित होने के बाद पायलट आज बिलासपुर में पत्रकारों से मुखातिब हुए जहां उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर गंभीर आरोप लगाए।

सचिन पायलट ने केंद्र सरकार पर आरोपों की बौछार करते हुए कहा कि, कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज किए गए हैं ताकि कांग्रेस को पैसे के अभाव में चुनाव लड़ने का समान अवसर न मिले । प्रधानमंत्री द्वारा कांग्रेस को आर्थिक रूप से कमजोर करने का लगातार प्रयास हो रहा है । खाते फ्रीज करना कांग्रेस के खिलाफ आपराधिक साजिश का हिस्सा है ।

 केंद्र सरकार साजिश के तहत लोकसभा चुनाव से पहले बैंक खातों को फ्रीज करवाकर देश की सबसे बड़ी विपक्षी पार्टी को आर्थिक रूप से कमजोर बनाने का प्रयास कर रही है। इस तरह किसी राजनीतिक दल को असहाय बनाकर स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संपन्न नहीं किया जा सकता । पायलट ने आगे कहा कि,लोकसभा चुनाव घोषित हो चुके हैं। लोकतंत्र के लिए जरूरी है कि चुनाव निष्पक्ष रूप से कराए जाएं और सभी राजनीतिक दलों को समान अवसर मिले और उनके पास संसाधन भी समान रूप से ही हों। 

सुप्रीम कोर्ट ने इलेक्टोरल बॉन्ड को गैरकानूनी और असंवैधानिक करार दिया है। इलेक्टोरल बॉन्ड योजना को लेकर जो तथ्य सामने आए, वह बहुत ही चिंताजनक और शर्मनाक हैं। इससे देश की छवि को नुकसान पहुंचा है। इस योजना से मौजूदा सत्ताधारी भाजपा ने अपने खाते हजारों करोड़ रुपयों से भर लिए। दूसरी ओर साजिश के तहत मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए हैं, ताकि कांग्रेस को पैसे के अभाव में चुनाव लड़ने में समान अवसर न मिले। यह सत्ताधारी दल का खतरनाक खेल है। भाजपा चाहती है कि देश में अब एकतरफा चुनाव हों, लेकिन जनता सब देख रही है। भाजपा ने इलेक्टोरल बॉन्ड योजना से 56 प्रतिशत धन हासिल किया, जबकि कांग्रेस को मात्र 11 प्रतिशत बांड ही मिले। सुप्रीम कोर्ट इस मामले की जांच कर रहा है, इसलिए उम्मीद है कि सच्चाई बहुत जल्द सामने होगी। 

 कोई भी राजनीतिक दल आयकर के दायरे में नहीं आता है। फिर भी कांग्रेस पर शिकंजा कसने का प्रयास हो रहा है। मैं संवैधानिक संस्थाओं से अपील करता हूं  कि अगर वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव चाहते हैं, तो कांग्रेस को बिना किसी रोक-टोक से बैंक खातों का इस्तेमाल करने दें। कांग्रेस के बैंक खाते तुरंत बहाल किए जाएं। 

यह बेहद गंभीर मुद्दा है। यह मुद्दा ना सिर्फ कांग्रेस को प्रभावित कर रहा है, बल्कि यह देश के लोकतंत्र को भी प्रभावित कर रहा है। प्रधानमंत्री द्वारा कांग्रेस को आर्थिक रूप से कमजोर करने का लगातार प्रयास हो रहा है। कांग्रेस के खातों में जमा जनता के पैसे को रोका जा रहा है। इन सब चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी कांग्रेस अपने चुनाव अभियान को जोर-शोर से आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि एक तरफ चुनावी बॉन्ड का मुद्दा है, जिसे सुप्रीम कोर्ट असंवैधानिक करार दे चुका है, इससे भाजपा को भारी लाभ हुआ। वहीं दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस की वित्तीय स्थिति पर लगातार हमले हो रहे हैं। यह अलोकतांत्रिक है।

एक महीने पहले कांग्रेस के सभी बैंक खाते फ्रीज कर दिए गए। भारत के 20 प्रतिशत लोग कांग्रेस के लिए वोट करते हैं। मगर बैंक खाते फ्रीज हो जाने से कांग्रेस प्रचार नहीं कर पा रही, विज्ञापन नहीं दे पा रही। कांग्रेस हवाई जहाज, रेलवे की यात्रा के लिए भी टिकट नहीं खरीद सकती। यह सात साल पहले का 14 लाख रूपये का मामला है जिसमें 200 करोड़ रुपये का जुर्माना लगा दिया गया है। आयकर विभाग का नियम साफ कहता है कि ज्यादा से ज्यादा 10 हजार का जुर्माना लग सकता है। मगर किसी कोर्ट, चुनाव आयोग, किसी संस्थान और मीडिया ने कुछ नहीं कहा। आज देश में लोकतंत्र नहीं बचा है। ये कांग्रेस के खिलाफ आपराधिक साजिश है, जो हिंदुस्तान के प्रधानमंत्री कर रहे हैं।

चुनाव की घोषणा हो चुकी है, मगर पिछले एक महीने से कांग्रेस अपने बैंक खातों में पड़े 285 करोड़ रुपये का इस्तेमाल नहीं कर पा रही है। नरेंद्र मोदी का यह हमला कांग्रेस पार्टी पर ही नहीं, बल्कि देश के लोकतंत्र पर है।

 2017-18 के मामले को लेकर आयकर विभाग ने सात साल बाद कांग्रेस के बैंक खाते फ्रीज किए। इसी तरह सीताराम केसरी जी के जमाने का नोटिस भी पिछले हफ्ते आया है। 1994-95 का नोटिस अब आया है। ये कौन सा लोकतंत्र है। यह इसलिए हो रहा है, ताकि कांग्रेस चुनाव ही ना लड़ पाए। हर राजनीतिक दल को आयकर से छूट दी गई है। कभी किसी ने जुर्माना नहीं दिया है। फिर कांग्रेस पर जुर्माना क्यों लगाया जा रहा है और वह भी चुनाव से ठीक पहले। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सांसदों ने 199 करोड़ का 0.07 प्रतिशत (14 लाख 40 हजार) नकद में वेतन दिया। इस 0.07 प्रतिशत की वजह से कांग्रेस पर 106 प्रतिशत जुर्माना लगाया गया। कांग्रेस के बैंक खातों से 115 करोड़ रुपये सरकार को ट्रांसफर कर दिए गए।

Bebak Khabar 24
Author: Bebak Khabar 24

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